कला या चमत्कार – अकबर मोमिन का सफर

हमारी सोच को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली कला हमारी सोच को एक अनदेखे मुक़ाम तक ले जाने वाली, […]

हमारी सोच को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली कला

हमारी सोच को एक अनदेखे मुक़ाम तक ले जाने वाली, और कल्पना को साकार करने वाली कला ही होती है। ये यक़ीन दिलाती है कि हर चीज़ सीमा में बंधी नहीं होती।

किसी भी कला में इतनी शक्ति होती है कि वह मानव-मन को रूहानियत में बदल देती है, क्योंकि कला का सीधा संबंध हृदय से होता है।
आज हम अपने “चुभन पॉडकास्ट” पर जिनसे मिलेंगे, उनका नाम है अकबर मोमिन, जो कि एक मशहूर चित्रकार है, सिर्फ मशहूर ही नहीं, बल्कि उन्हें जादूगर भी बोला जा सकता है क्योंकि उनकी पेंटिंग्स ने ऐसा जादुई माहौल बनाया कि जिसने भी देखा, उसे वह चित्र पेंटिंग कम, चमत्कार अधिक लगा।


👆🏾 इस पेंटिंग को देखिए मोदी जी की पेंटिंग है, पर आईने के सामने उसका प्रतिबिंब अमित शाह जी का नज़र आ रहा।

चुभन पॉडकास्ट पर अकबर मोमिन से मुलाकात

अकबर मोमिन का सफर

अकबर मोमिन साहब आजकल गुजरात मे पाटन जिले के सिद्धपुर नामक शहर में निवास करते हैं। इसी स्थान पर आपका बचपन बीता, जहां आर्थिक अभाव के कारण, साधनों की कमी के चलते आपने दीवारों पर चारकोल से पेंटिंग करके अपने इस शौक को अलग मुकाम तक पहुंचाने की शुरूआत की।

 

👆🏾 देखिए कितनी तन्मयता से वे अपनी कलाकारी को पूर्णता दे रहे हैं।

आप आज भी 68 वर्ष की उम्र में इसी अपने शहर में, उसी शिद्दत के साथ चित्रों को जीवंतता देने के कार्य मे संलग्न हैं। आपने लगभग 46 वर्षों तक मुम्बई में रहकर संघर्ष किया।


👆🏾 देखिए हो गए न हैरान कि कौन से अकबर मोमिन साहब हैं और कौन सा उनका चित्र।

जुनून से भरी कला

आपको देखकर, आपसे बात कर यह यकीन हो जाता है कि उम्र किसी भी कार्य, किसी भी कला के आगे बाधा का काम नही करती। किसी भी कलाकार में जितनी सादगी होती है, उतना ही वह असाधारण होता है।

👆🏾 लगता है न कि बिना जुनून के कोई भी कलाकार ऐसी कला का प्रदर्शन नहीँ कर सकता।

आपसे बात करके यही लगता है कि जुनून के बिना, कला निखरती नहीं, आपके जुनून ने ही आपकी कला को निखारा है।

👆🏾 मुझे पता है कि ऐसी कलाकारी आपने पहले नही देखी होगी।यह cloth art है, नए प्रयोग के साथ।

हनुमानजी की 3D पेंटिंग और प्रसिद्धि

आपने जब से अपनी 3-डी पेंटिंग में हनुमानजी की पेंटिंग बनाई जिसका प्रतिबिंब जब पानी मे दिखता है तो उसमें प्रभु श्री राम के दर्शन होते हैं।इस पेंटिंग के वायरल होते ही अकबर मोमिन साहब का नाम और काम देश मे ही नही, वरन विदेशों में भी छा गया।उनकी पेंटिंग्स को जादूगरी कहा गया।मैंने जब देखा तो मैं भी आश्चर्य चकित हुए बिना नही रह सकी और मैंने सोचा कि उनसे ही पूछती हूं, उनकी जादूगरी का राज़।

 

👆🏾 आपकी हनुमानजी की पेंटिंग, जिसे पानी मे देखने पर श्री राम नज़र आते हैं, इस पेंटिंग ने आपको बहुत प्रसिद्धि दिलाई।

कला जो जोड़ती है दिल

उनकी पेंटिंग को 24 घंटे के अंदर 25 मिलियन व्यूज मिले थे।

इसी प्रकार आपने अपनी एक पेंटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का चित्र बनाया, जिसे आईने के सामने देखने पर गृहमंत्री अमित शाह जी नज़र आते हैं।
आपका कहना है कि एक मुस्लिम होने के नाते उनको बहुत खुशी होती है, जब उनकी कलाकृति दो समुदायों के बीच पुल का काम करती है।

 

👆🏾 अब आप हैरान न हो जाइयेगा, दो-दो अकबर साहब को एक साथ देखकर……..

“चुभन पॉडकास्ट” पर उनसे बात करने के बाद मेरा मन कहां जा पहुंचा, यह बताने के लिए मेरे पास शब्द ही नहीं है। उनसे हुई पूरी बातचीत आप पॉडकास्ट पर सुनिए और ऊपर मैंने उनके कुछ वीडियो डाले है, उन्हें भी अवश्य देखिए।

2 thoughts on “कला या चमत्कार – अकबर मोमिन का सफर”

  1. देवर्षि अष्टु

    आप की कला जैसा कोई न देखा।
    दस में से १४* आपकी कला को

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